किरेन रिजिजू ने वक्फ बिल राज्यसभा में पेश कियाः बोले- बिल में ट्रांसपेरेंसी, अकाउंटेबिलिटी और एफिशिएंसी, धार्मिक भावना को चोट नहीं पहुंचा रहे

अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को वक्फ संशोधन बिल राज्यसभा में पेश किया। उन्होंने कहा कि व्यापक चर्चा के बाद तैयार किए गए बिल को जेपीसी के पास भेज दिया गया था। वक्फ को लेकर जेपीसी ने जितना काम किया, उतना काम किसी कमेटी ने नहीं किया। देर रात तक चर्चा के बाद आज सुबह इस बिल को लोकसभा से पारित कर दिया गया। उन्होंने कांग्रेस की सरकार के समय गठित कमेटियों और सच्चर कमेटी की सिफारिशों का भी जिक्र सदन में किया। रिजिजू ने कहा कि आप जो नहीं कर सके, वह करने की हिम्मत हमने दिखाई है और ये बिल लेकर आए हैं। आप इसका समर्थन करेंगे, ऐसी उम्मीद है। हम कोई नया काम नहीं कर रहे, इतिहास गवाह है कि पहले भी ऐसा हुआ है और संशोधनों का इतिहास भी गिनाया।
12 घंटे की चर्चा के बाद कल लोकसभा से बिल पास
इससे पहले लोकसभा में बुधवार को 12 घंटे की चर्चा के बाद वक्फ संशोधन बिल पास हो गया। रात 2 बजे हुई वोटिंग में 520 सांसदों ने भाग लिया। 288 ने पक्ष में और 232 ने विपक्ष में वोट डाले। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे उम्मीद (यूनीफाइड वक्फ मैनेजमेंट इम्पावरमेंट, एफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट) नाम दिया है। आज यह बिल राज्यसभा में पेश होगा।
चर्चा के दौरान AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बिल फाड़ दिया। उन्होंने कहा- इस बिल का मकसद मुसलमानों को जलील करना है। मैं गांधी की तरह वक्फ बिल को फाड़ता हूं। बिल पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- वक्फ में गैर इस्लामिक नहीं आएगा। ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। वोट बैंक के लिए माइनॉरिटीज को डराया जा रहा है।